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दो बैलों की कथा, ganga class 9 hindi chapter 01, question answer, 2026 - 27 exam special Do bailo ki katha लेखक – प्रेमचंद

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  दो बैलों की कथा,  लेखक – प्रेमचंद Do bailo ki katha, story Class 9, ganga book 📚 part 1 With questions answers  Ganga  book class nine  By Bimal hindi  Dr.umesh Hindi Academy  " दो बैलों की कथा " मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कहानी है। इस कहानी के द्वारा भारतीय किसान किस तरह अपने बैलों को  अपने परिवार की तरह मानते हैं, यह दर्शाया गया है साथ ही यह दिखाया गया है कि आजादी के लिए काफी संघर्ष करने की जरूरत होती है। दो बैलों की कथा कक्षा नौवीं में पढ़ी पढ़ाई जाती है। यहां कहानी का सारांश, लेखक प्रेमचंद का जीवन परिचय एवं पाठ का प्रश्न उत्तर सरल भाषा में दिया गया है। Table of contents दो बैलों की कथा कहानी का सारांश do bailo ki katha kahani ka Saransh, summary of do bailo ki katha, दो बैलों की कथा कहानी के लेखक प्रेमचंद का जीवन परिचय, do bailo ki katha ke lekhak kaun hai, biography of premchand, दोनों बैलों के नाम, हीरा और मोती कैसे बैल थे। कांजीहौस क्या होता है। दो बैलों की कथा कहानी कब लिखी गई थी। दो बैलों की कथा कहानी का संदेश। NCERT solut...

सच्चा मित्र , नैतिक शिक्षा का बेजोड़ नमूना, sachcha mitra

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  सच्चा मित्र, True Friends असली दोस्त कैसा हो, सच्ची मित्रता कहानी, कक्षा छठी sachi mitrataa  एक सिंह धा। वह जंगल का राजा था। वह बहुत बलवान और साहसी और देखने में लम्बी चौड़ी और भयानक थी। जंगल के सभी जानवर उससे बहुत डरते थे। वे सब जंगल के कोने-कोने से उसके खाने के लिए जानवर पकड़कर लाते थे। एक दिन सिंह ने सोचा, "राजा का तो दरबार होना चाहिए? बिना दरबार के राजा कैसे?" यह सोचकर सिंह ने लोमड़ी को अपने पास बुलाया। उन्होंने लोमड़ी से कहा, "तुम बहुत समझदार और चतुर हो। मैं तुमको अपना सलाहकार बनाना चाहता हूं।" लोमड़ी ने सिर झुका कर कहा, "जैसी आज्ञा महाराज।" इसके बाद सिंह ने चीते को बुलाया। बाडीगार्ड सिंह ने उसे कहा, "तुम बहुत चौंक्कने और तेज दौड़ने वाले हो। मैं तुम्हें अपना बॉडीगार्ड बनाना चाहता हूँ।" चीते ने झुककर नमस्कार किया और महाराज को धन्यवाद दिया। अब सिंह ने कौवे को बुलाया और कहा, "हे कौवे आप बहुत ऊंची उड़ान भर सकते हैं। आप मेरी दूत बनोगे।" कावे ने सिर झुका कर महाराज का अभिवादन किया। लोमड़ी, चीता और कौवे ने शपथ ली कि वे हमेशा स्वामी भक्त...

एकादश(11th) Hindi, 2026 - 27 exam special मियां नसीरुद्दीन,Miyan Nasiruddin, लेखिका-कृष्णा सोबती www.bimalhindi.in(Krishna Sobati)

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Miya nasiruddin,nanbai,11th hindi, NCERT solutions, Krishna Sobti मियां नसीरुद्दीन, 11वीं हिन्दी, सारांश, प्रश्न उत्तर, नानबाई।  लेखिका -कृष्ण सोबती कृष्णा सोबती आधुनिक हिंदी साहित्य की सुप्रसिद्ध गद्य लेखिका हैं । इस कक्षा 11 का पाठ "मियाँ नसीरुद्दीन" उनकी प्रसिद्ध पुस्तक "हम हसमत" नामक संग्रह से लिया गया है। यहाँ हमने लेखिका के जीवन के कुछ पहलुओं को दर्शाते हुए पाठ के मुख्य अंश को प्रस्तुत किया है और महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर भी छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। मियां नसीरुद्दीन पाठ की लेखिका कृष्णा सोबती का जन्म सन् 1925 में गुजरात के पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान में) हुआ था। उन्होंने हिंदी साहित्य को कई बेहतरीन उपन्यास, कहानी संग्रह, शब्द चित्र और संस्मरण प्रदान की है। उनकी प्रमुख रचनाओं में जीवननामा, दिलो दानिश, ऐ लड़की, समय सरगम, डार से बिछड़ी, मित्रो मरजानी, बादलो के घेरे, सूरजमुखी अंधेरे के, हम हसमत, शब्दों के आलोक में आदि प्रमुख हैं। हिंदी साहित्य की उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान, हिंदी साहित्य का शलाका सम्मान ...